ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और ये कितने प्रकार के होते है।

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ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है

क्या आपको पता है ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और ये कितने प्रकार के होते है। नहीं पता तो कोई बात नहीं आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ कर सब कुछ समझ जाओगे।

ऑपरेटिंग सिस्टम एक प्रकार की आत्मा है किसी भी कंप्यूटर,मोबाइल और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस जो की जो ऑपरेटिंग सिस्टम से चलता है। दूसरे शब्दो में कहा जाये तो ऑपरेटिंग सिस्टम छोटे-छोटे प्रोग्राम के समूह से बना एक बड़ा प्रोग्राम है जो कंप्यूटर के हार्डवेयर को तरह-तरह के कार्यो को करेने के लिए अनुदेश (instruction) देने का काम करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम को सॉफ्टवेयर भी कहा जाता है पर मैं ऐसा नहीं मानता ऑपरेटिंग सिस्टम किसी भी मइक्रोप्रोसेर और माइक्रोकंट्रोरल के माध्यम से पुरे कंप्यूटर के हार्डवेयर मैनेजमेट के साथ-साथ कंप्यूटर में इंस्टाल (install) सॉफ्टवेयर को भी मैनेज करता है। उदाहरण के लिए माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (microsoft office) एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जो विंडोज (windows) के ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करता है। जिसे ऑपरेटिंग सिस्टम ही मैनेज कर रहा होता है।ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है।

अच्छे से समझने के लिए हम कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम के मैनजमेंट को समझते है।

आपने ये पोस्ट पढ़ रहे है तो आप कंप्यूटर का उपयोग जरूर करते है, तो क्या आपने कंप्यूटर के हार्डवेयर को देखा है। चलिए मैं आपको कंप्यूटर के बेसिक से हार्डवेयर पार्ट्स के बारे में बताता हूं जिनसे कंप्यूटर चलता है।

1. मदर बोर्ड

2. सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट ( CPU )

3. रैंडम एक्सेस मेमोरी ( RAM )

4. हार्ड डिस्क ( hard disk )

5. स्विचेड-मोड पावर सप्लाई ( switched-mode power supply )

ऊपर आपको जो बेसिक कंप्यूटर के हार्डवेयर पार्ट्स दिख रहे उन्हें मैनज करने का काम ऑपरेटिंग सिस्टम करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम का काम इनपुट आउटपुट डिवाइस जैसे की कीबोर्ड्स,माउस,मॉनिटर इत्यादि को भी मैनेज करने का है। जैसे की हमने कीबोर्ड से इंस्ट्रक्शन दिए और मॉनिटर में उसका रिजल्ट हमे दिखने लगा।

ऑपरेटिंग सिस्टम VS सॉफ्टवेयर

बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के आप किसी भी सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं कर सकते जैसे, की अगर आपको अपने कंप्यूटर में गेम खेलना है या फिर मिक्रोसॉफ़्ट वर्ड पर कुछ टाइप करना है तो आप बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के नहीं कर पाएंगे। आपको इन्हे चलने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्कता होगी ही क्योकि ये एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जो ऑपरेटिंग सिस्टम पर निर्भर कर बनाया गया है। ऑपरेटिंग सिस्टम को आम बोल चाल की भाषा में सिस्टम सॉफ्टवेयर भी कहा जाता है। ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के फंक्शन

ऑपरेटिंग सिस्टम जब कंप्यूटर को ऑन करते है तो सीधा रैम में लोड होता है उसके बाद ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर को उसका काम सुरु करने के लिए हार्डवेयर अलॉट करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ बिशेष कार्य नीचे बताता हूँ।

1. सॉफ्टवेयर और यूजर के बीच तालमेल बिठाना

2 .डिवाइस मैनेजमेंट

3. मेमोरी  मैनेजमेंट

4. फाइल मैनेजमेंट

5. सिक्योरिटी मैनेजमेंट

 

सॉफ्टवेयर और यूजर के बीच तालमेल बिठाना

यूजर और सॉफ्टवेर के बीच तालमेल बिठाने से मेरा मतलब की जब आप इनपुट डिवाइस से कोई इनपुट देते हो तो ऑपरेटिंग सिस्टम उसे CPU में प्रोसेस करता है और उसे सही तरीके से प्रोसेस करके हमे आउटपुट देता है।

डिवाइस मैनेजमेंट

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया था हार्डवेयर पार्ट्स के बारे, हर एक हार्डवेयर पार्ट्स का अलग-अलग ड्राइवर होता है जिसे ऑपरेटिंग सिस्टम CPU को उपयोग करने के लिए मैनेज करता है। इसे ही डिवाइस मनेजमेंट सिस्टम कहते है।

मेमोरी  मैनेजमेंट

ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए मेमोरी मैनजमेंट करना बहुत जरुरी होता है। मेमोरी मैनेजमेंट से मेरा तात्पर्य ये है की, किसी प्रोग्राम को चलने के लिए उसे कितने रैम की आवश्कता है उसे अलॉट करना होता है।

फाइल मैनेजमेंट

फाइल मैनेजमेंट का मतलब हार्ड ड्राइव में किसी डाटा को उस डिस्क के किस सेक्शन में स्टोर किया है या करना है का काम ऑपरेटिंग सिस्टम को मैनेज करना होता है।

सिक्योरिटी मैनेजमेंट

सिक्योरिटी मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम में बहुत जरुरी होता है क्योकि आप आपने कंप्यूटर पर इंटरनेट का उपयोग करते है या पैन ड्राइव से डाटा किसी अन्य  कंप्यूटर से आपने कंप्यूटर में लेते है तो आपके कंप्यूटर में वायरस आने का खतरा बढ़ जाता है। इस वायरस से बचने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम में एक फ़ायरवॉल सिस्टम होता है, जो आपके कंप्यूटर को सिक्योर करता है।

सॉफ्टवेयर और यूजर के बीच तालमेल बिठाना

यूजर और सॉफ्टवेर के बीच तालमेल बिठाने से मेरा मतलब की जब आप इनपुट डिवाइस से कोई इनपुट देते हो तो ऑपरेटिंग सिस्टम उसे CPU में प्रोसेस करता है और उसे सही तरीके से प्रोसेस करके हमे आउटपुट देता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है।

टेक्नोलॉजी के विकाश के साथ-साथ ऑपरेटिंग सिस्टम का भी विकाश दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। हर एक औधोगिक फिल्ड में अलग-अलग प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इस पोस्ट में अब हम जानेंगे की ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है।

1. बैच ऑपरेटिंग सिस्टम ( Batch operating system ).

2. सिंपल बैच ऑपरेटिंग सिस्टम ( Simple batch operating system ).

3. रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Real time operating system ).

4. टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम ( Time sharing operating system ).

5. मल्टीप्रोग्रॅमिंग बैच ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multiprogramming batch operating system ).

6. डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Distributed operating system ).

7. नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम ( Network operating system ).

8. मल्टीप्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multiprocessor operating system ).

1. बैच ऑपरेटिंग सिस्टम ( Batch operating system )

बैच प्रोसेसिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोसेसिंग शुरू करने से पहले एक बैच में प्रोग्राम और डेटा को एक साथ इकट्ठा कर लेता है। ऑपरेटिंग सिस्टम बैच में प्रोसेसिंग से संबंधित निम्नलिखित गतिविधियां को करता है। बैच प्रोसेसिंग में ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसे कार्य को परिभाषित करता है जिसमें एक ही यूनिट के रूप में कमांड, प्रोग्राम और डेटा का पूर्वनिर्धारित अनुक्रम होता है।

2. सिंपल बैच ऑपरेटिंग सिस्टम ( Simple batch operating system )

सिंपल बैच ऑपरेटिंग सिस्टम में कंप्यूटर ऑपरेटर एक इनपुट डिवाइस पर कई सरे कार्यो का एक बैच रखता है। इन कार्यो को भाषा और आवश्यकता के अनुसार एक साथ रक्खा जाता है। फिर एक विशेष कार्यक्रम, मॉनिटर, बैच में प्रत्येक कार्यक्रम के परफोर्मेंस का मनेजमेंट करता है। मॉनिटर हमेशा मुख्य मेमोरी में होता है और परफोर्मेंस देने के लिए  हमेशा उपलब्ध होता है।

3. रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Real time operating system )

रियल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ( RTOS ) का उपयोग रियल टाइम एप्लिकेशन के लिए किया जाता है, इसका अर्थ उन ऍप्लिकेशन्स के लिए होता है जहां डेटा प्रोसेसिंग समय की निर्धारित और छोटी मात्रा में हो जानी चाहिए। रियल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम  सामान्य कंप्यूटर से अलग है क्योकि यहाँ समय की अवधारणा को रियल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम में उतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता है। रियल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम  एक समय-साझाकरण प्रणाली है जो समय के अवरोधन पर आधारित है। रियल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम इंटरप्ट सर्विस रूटीन (ISR) सिस्टम द्वारा सुझाई गई बाधा को पूरा करता है। रियल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ने प्रोसेसिंग प्रक्रिया को निष्पादित करने के लिए प्राथमिकता का उपयोग करता है। जब उच्च प्राथमिकता प्रक्रिया इस प्रणाली में प्रवेश करती है तो कम प्राथमिकता वाली प्रक्रिया उच्च प्राथमिकता प्रक्रिया की सेवा के लिए तैयार होती है। सच कहु तो रीयल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ने प्रक्रिया को सिंक्रनाइज़ किया। ताकि वे एक दूसरे के साथ संवाद कर सकें। इसके द्वारा संसाधनों को समय की बर्बादी के बिना कुशलता से उपयोग किया जा सकता है। ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है।

4. टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम ( Time sharing operating system )

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम है जो एक ही समय में किसी एक विशेष कंप्यूटर सिस्टम को कई लोगो के उपयोग के लिए  विभिन्न टर्मिनलों पर स्थित करने में सक्षम बनाती है। उदाहरण के लिए शेयरिंग VPS सर्वर। टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम या मल्टीटास्किंग, मल्टीप्रोग्रॅमिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का ही तार्किक विस्तार है।

5. मल्टीप्रोग्रॅमिंग बैच ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multiprogramming batch operating system )

सीपीयू और मुख्य मेमोरी के बीच अंडरटाइजेशन की समस्या को दूर करने के लिए, मल्टीप्रोग्रॅमिंग बैच ऑपरेटिंग सिस्टम को शुरू किया गया था। मल्टीप्रोग्रॅमिंग बैच ऑपरेटिंग सिस्टम को एक ही कंप्यूटर द्वारा कई कार्यो के परफॉर्मेंस में हस्तक्षेप किया जाता है।

6. डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Distributed operating system )

डिस्ट्रीब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा मॉडल है जहाँ डिस्ट्रीब्यूटेड एप्लीकेशन कम्युनिकेशन द्वारा जुड़े बहुत सरे कंप्यूटर चल रहे है। एक डिस्ट्रीब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम का एक बिस्तर है जो नेटवर्क पर मशीनों के कम्युनिकेशन और इंटेग्रेशन के लिए सपोर्ट प्रोवाइड करता है।

7. नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम ( Network operating system )

नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम (NOS) एक कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) है जिसे मुख्य रूप से वर्कस्टेशन, पर्सनल कंप्यूटर और कुछ उदाहरणों में, पुराने टर्मिनलों का उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो एक लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) से जुड़े होते हैं। नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम का सॉफ़्टवेयर नेटवर्क के भीतर कई उपकरणों को एक-दूसरे के रिसोर्स को कम्युनिकेशन करने और साझा करने की अनुमति देता है।

8. मल्टीप्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multiprocessor operating system )

मल्टीप्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम एक कंप्यूटर सिस्टम के भीतर दो या अधिक केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) के उपयोग को संदर्भित करता है। ये कई सीपीयू कंप्यूटर बस, मेमोरी और अन्य पैरिफेरल उपकरणों को साझा करने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम  हैं। इसीलिए इसे मल्टीप्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जाता है । ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है।

Note:- अगर आप ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में और भी कुछ जानना चाहते है तो नीचे अपना कमेंट जरूर करे धन्यवाद।

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